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नई दिल्ली। आधार न होने की वजह से यदि आपके बच्चे का स्कूल में एडमिशन नहीं हो रहा है तो अब आपको चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। यूनीक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) ने स्कूली छात्रों को राहत देते हुए कहा है कि अब आधार न होने की स्थिति पर कोई भी स्कूल बच्चों के एडमिशन से इनकार नहीं कर सकता है। अथॉरिटी ने अपने जारी किए गए सर्कुलर में साफ शब्दों में कहा है कि अगर कोई भी स्कूल आधार कार्ड के बिना एडमिशन लेने में इनकार करते हैं तो यह कानून के तहत अवैध होगा। और ऐसा करने की अनुमति नहीं है।
यूआइडीएआइ ने बिना आधार के बच्चों के एडमिशन के संबंध में राज्यों के सचिवों को सर्कुलर भी जारी कर दिया है। यूआईडीएआई ने स्कूलों को प्रोत्साहित किया कि वह स्थानीय बैंकों, डाक कार्यालयों, राज्य शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन के साथ मिलकर अपने परिसर में बच्चों का आधार कार्ड बनवाने और उसे अपडेट कराने के लिए विशेष शिविर लगाएं। हालांकि इससे पहले आधार कार्ड बनवाने के लिए स्थानीय बैंकों, पोस्ट ऑफिस, राज्य शिक्षण संस्थान, जिला प्रशासन से समन्वय स्थापित करने के लिए कहा गया है। यूआईडीएआई ने कहा, '' जब तक ऐसे छात्रों के लिए आधार नंबर जारी नहीं हो जाता और बायोमेट्रिक को अपडेट नहीं कर दिया जाता तब तक उन्हें सभी सुविधाएं पहचान स्थापित करने के अन्य माध्यमों के जरिए मुहैया कराई जाए"। यूआइडीएआइ के इस आदेश के बाद अब अथॉरिटी का यह कदम उन छात्रों और उनके माता-पिता के लिए काफी राहत भरा है, जिन पर स्कूल प्रशासन दाखिले के समय आधार नंबर देने की शर्त लगा देते थे। इसलिए अब सभी माता-पिता अपने बच्चों का स्कूल में एडमिशन बिना किसी अड़चन के आसानी से करवा सकते हैं।
बहराइच (उत्तर प्रदेश)। मरीजों के साथ सरकारी अस्पताल के कर्मचारियों की क्रूर अमानीवता थमने का नाम नहीं ले रही है। ताजा मामला बहराइच के सीएचसी विशेश्वरगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का है, जहां प्रसव पीड़ा से कराह रही महिला को स्टाफ नर्स ने रिश्वत न देने पर स्वास्थ्य केंद्र से भगा दिया। महिला जैसे ही स्वास्थ्य केंद्र से बाहर निकली वैसे ही महिला का सड़क पर प्रसव हो गया, जिससे नवजात की मौके पर ही मौत हो गयी। इस घटना से नाराज परिजनों ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन शुरु कर दिया। हालांकि मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारों द्वारा कार्रवाई का भरोसा देने पर परिजन शांत हुए।
गोंडा जिले के धानेपुर पहड़वा निवासी शेर मोहम्मद की पत्नी मेहनाज को रविवार देर रात को प्रसव पीड़ा शुरू हो गयी। जिसके बाद शेर मोहम्मद ने तड़प रही पत्नी को वाहन का इंतजाम कर बहराइच के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र विशेश्वरगंज पहुंचाया। जब शेर मोहम्मद स्वास्थ्य केंद्र पहुंचा तो वहां पर कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था। ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ नर्स ने मेहनाज को देखने के बाद कहा कि प्रसव ऑपरेशन से होगा। इसके लिए नर्स ने पांच हजार रुपए की मांग की । जब शेर मोहम्मद ने कहा कि उसके पास इतने रुपए नहीं है तो नाराज नर्स ने उसकी उसकी पत्नी को स्वास्थ्य केंद्र से भगा दिया। जब उसने नर्स की इस मनमानी का विरोध किया तो उसने उसे अपशब्द कहे। परेशान शेर मोहम्मद पत्नी को कंधे पर लादकर अस्पताल गेट के सामने सड़क पर पहुंचा ही था, तभी प्रसव हो गया। यह देखकर शेर मोहम्मद जोर-जोर से चीखने लगा। उसकी आवाज सुनकर मौके पर मौजूद महिलाओं ने उसकी पत्नी को संभाला, लेकिन सड़क पर गिरने की वजह से नवजात की तड़प-तड़पकर मौत हो गयी। हैरानी की बात यह थी कि प्रसूत रात भर स्वास्थ्य केंद्र के सामने सड़क पर पड़ी रही, लेकिन स्वस्थ्य केंद्र के कर्मचारियों और डॉक्टरों ने उसकी कोई सुध नहीं ली।
इस घटना से नाराज परिवार को लोगों ने सुबह दस बजे विशेश्वरगंज इकौना मार्ग पर जाम लगा दिया और जमकर नारेबाजी की । हालांकि घटना की सूचना मिलने के बाद दोपहर में एसडीएम पयागपुर सन्तोष उपाध्याय मौके पर पहुंचे और कार्रवाई का आश्वासन देकर सभी को शांत कराया। मामले की जांच के आदेश दिये गए हैं। वहीं मुख्य चिकित्साधिकारी डा. एके पांडेय ने पूरे मामले की जांच डिप्टी सीएमओ को सौंपी है। सीएमओ ने कहा कि मामला काफी गंभीर है, दोषी को कतई बक्शा नहीं जाएगा। अब देखना होगा कि दोषी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई होती है या फिर हमेशा की तरह मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है।
देश में शस्त्र लेकर कहां-कहां जा सकते हैं
शस्त्र लाइसेंस किसे मिलेगा
शस्त्र लाइसेंस के लिए प्रशिक्षण
शस्त्र लाइसेंस के लिए आवेदन
लाइसेंस आवेदन के लिए दस्तावेज
लाइसेंस के लिए निर्धारित फीस
लाइसेंस मिलने में लगने वाला समय
लाइसेंस का आवेदन खारिज भी हो सकता है
नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को राजधानी के तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) का शुभारंभ किया। केंद्र सरकार इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (आईपीपीबी) के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों समेत उन लोगों के घरों तक बैंकिंग सुविधाएं मुहैया कराने जा रही है, जो अभी तक ऐसी सेवाओं से वंचित हैं। वर्ष के अंत तक इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक से देश के सभी 1 लाख 55 हजार डाक घरों को जोड़ने की योजना है। शुरुआत में आईपीपीबी की देशभर में 650 ब्रांच और 3,250 सर्विस सेंटर काम करेंगे। प्रधान डाकघर सहित शहर एवं ग्रामीण क्षेत्र के चुनिंदा उप डाकघर और शाखा डाकघरों में एक सितंबर से इंडिया पोस्ट बैंकिंग सेवा शुरु हो गयी। इस नई व्यवस्था में खाताधारकों के अंगुली या अंगूठा का निशान लगाना जरुरी होगा। एक अंगूठे के द्वारा बायोमैट्रिक विधि से आपका खाता मिनटों में ही खुल जाएगा। अब आपको बैंक जाने की आवश्वयकता नहीं पड़ेगी। इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के जरिए डाकिया अब चलता-फिरता बैंक बन गया है।
इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक की शुरुआत के मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अब आपको देश में डाकिया बैंकिंग सेवाएं डोर-टू-डोर मुहैया कराएगा। इससे घर बैठे ही पैसा जमा कराने और निकालने की सुविधा मिलेगी। इसके सेविंग अकाउंट में ग्राहक 1 लाख रुपये तक की सेविंग कर सकता है। केवल आधार कार्ड से खाता खुल जाएगा। पीएम मोदी ने बताया कि केवल एक मैसेज कर देने भर से डाकिया घर आकर पैसा ले जाएगा और दे जाएगा। इसके जरिए बचत खाते में 4% ब्याज भी मिलेगा। इसमें न्यूनतम राशि रखने की कोई बाध्यता नहीं है। देश के 650 जिलों में ये सेवा मिलेगी। और 17 करोड़ खातों के साथ यह अपनी बैंकिंग शुरू करेगा। इस दौरान सबसे पहले पीएम मोदी ने अपने फोन से मैसेज भेजकर अपना खाता खोला। उन्होंने कहा कि अब आपको न एटीएम और न मोबाइल अलर्ट के लिए चार्ज देना होगा। पीएम ने देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि आपका सरकार पर विश्वास डगमगाया होगा पर डाकिये पर नहीं। देश में डाकिया हर घर से भावनात्मक रूप से जुड़ा हुआ है। उन्होंने बताया कि देश में स्थित 1.55 लाख डाक घर इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक बन जाएंगे। इसके जरिए ग्राहकों को अपने पासवर्ड और पिन को याद रखने की जरूरत नहीं रहेगी। पीएम मोदी ने नीरव, माल्या जैसे लोगों का उदाहरण देते हुए कहा कि पीएम मोदी ने कहा कि पहले जिन लोगों के पीछे बैंक भागते थे अब वो बैंकों के पीछे भागेंगे। इस भुगतान बैंक में भारत सरकार की 100 प्रतिशत हिस्सेदारी है। आईपीपीबी की हर जिले में कम से कम एक ब्रांच खोली जाएगी। पेमेंट्स बैंक की शुरुआत का लक्ष्य ग्रामीण इलाकों में वित्तीय सेवाएं मुहैया कराना है। इसके माध्यम से किसी भी बैंक खाते में मनी ट्रांसफर भी किया जा सकेगा। पोस्टल पेमेंट बैंक के जरिए आप अपने खाते से किसी भी बैंक में RTGS, NEFT, IMPS कर सकते हैं और किसी भी अकाउंट से इनके जरिए राशि प्राप्त कर सकेंगे। थर्ड पार्टी टाइअप के माध्यम से आईपीपीबी के खाताधारक किसी भी प्रकार की वित्तीय सुविधाओं का इस्तेमाल कर सकते हैं। सरकार की तरफ से पेमेंट्स बैंक का इस्तेमाल नरेगा का वेतन, सब्सिडी, पेंशन आदि के वितरण में किया जाएगा। इस मौके पर केंद्रीय राज्य मंत्री मनोज सिन्हा, समेत कई मंत्री और सांसद मौजूद थे।
नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को राजधानी के तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) का शुभारंभ किया। केंद्र सरकार इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (आईपीपीबी) के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों समेत उन लोगों के घरों तक बैंकिंग सुविधाएं मुहैया कराने जा रही है, जो अभी तक ऐसी सेवाओं से वंचित हैं। वर्ष के अंत तक इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक से देश के सभी 1 लाख 55 हजार डाक घरों को जोड़ने की योजना है। शुरुआत में आईपीपीबी की देशभर में 650 ब्रांच और 3,250 सर्विस सेंटर काम करेंगे। प्रधान डाकघर सहित शहर एवं ग्रामीण क्षेत्र के चुनिंदा उप डाकघर और शाखा डाकघरों में एक सितंबर से इंडिया पोस्ट बैंकिंग सेवा शुरु हो गयी। इस नई व्यवस्था में खाताधारकों के अंगुली या अंगूठा का निशान लगाना जरुरी होगा। एक अंगूठे के द्वारा बायोमैट्रिक विधि से आपका खाता मिनटों में ही खुल जाएगा। अब आपको बैंक जाने की आवश्वयकता नहीं पड़ेगी। इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के जरिए डाकिया अब चलता-फिरता बैंक बन गया है।
इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक की शुरुआत के मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अब आपको देश में डाकिया बैंकिंग सेवाएं डोर-टू-डोर मुहैया कराएगा। इससे घर बैठे ही पैसा जमा कराने और निकालने की सुविधा मिलेगी। इसके सेविंग अकाउंट में ग्राहक 1 लाख रुपये तक की सेविंग कर सकता है। केवल आधार कार्ड से खाता खुल जाएगा। पीएम मोदी ने बताया कि केवल एक मैसेज कर देने भर से डाकिया घर आकर पैसा ले जाएगा और दे जाएगा। इसके जरिए बचत खाते में 4% ब्याज भी मिलेगा। इसमें न्यूनतम राशि रखने की कोई बाध्यता नहीं है। देश के 650 जिलों में ये सेवा मिलेगी। और 17 करोड़ खातों के साथ यह अपनी बैंकिंग शुरू करेगा। इस दौरान सबसे पहले पीएम मोदी ने अपने फोन से मैसेज भेजकर अपना खाता खोला। उन्होंने कहा कि अब आपको न एटीएम और न मोबाइल अलर्ट के लिए चार्ज देना होगा। पीएम ने देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि आपका सरकार पर विश्वास डगमगाया होगा पर डाकिये पर नहीं। देश में डाकिया हर घर से भावनात्मक रूप से जुड़ा हुआ है। उन्होंने बताया कि देश में स्थित 1.55 लाख डाक घर इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक बन जाएंगे। इसके जरिए ग्राहकों को अपने पासवर्ड और पिन को याद रखने की जरूरत नहीं रहेगी। पीएम मोदी ने नीरव, माल्या जैसे लोगों का उदाहरण देते हुए कहा कि पीएम मोदी ने कहा कि पहले जिन लोगों के पीछे बैंक भागते थे अब वो बैंकों के पीछे भागेंगे। इस भुगतान बैंक में भारत सरकार की 100 प्रतिशत हिस्सेदारी है। आईपीपीबी की हर जिले में कम से कम एक ब्रांच खोली जाएगी। पेमेंट्स बैंक की शुरुआत का लक्ष्य ग्रामीण इलाकों में वित्तीय सेवाएं मुहैया कराना है। इसके माध्यम से किसी भी बैंक खाते में मनी ट्रांसफर भी किया जा सकेगा। पोस्टल पेमेंट बैंक के जरिए आप अपने खाते से किसी भी बैंक में RTGS, NEFT, IMPS कर सकते हैं और किसी भी अकाउंट से इनके जरिए राशि प्राप्त कर सकेंगे। थर्ड पार्टी टाइअप के माध्यम से आईपीपीबी के खाताधारक किसी भी प्रकार की वित्तीय सुविधाओं का इस्तेमाल कर सकते हैं। सरकार की तरफ से पेमेंट्स बैंक का इस्तेमाल नरेगा का वेतन, सब्सिडी, पेंशन आदि के वितरण में किया जाएगा। इस मौके पर केंद्रीय राज्य मंत्री मनोज सिन्हा, समेत कई मंत्री और सांसद मौजूद थे।
नई दिल्ली। यदि आप अपने मतदाता पहचान पत्र में कोई बदलाव करना चाहते हैं तो अब आपको चुनाव आयोग के कार्यालय का चक्कर लगाने की जरुरत नहीं है। चुनाव आयोग ने डिजिटल इंडिया के तहत इस बार आगामी लोकसभा चुनाव से पहले मतदाता पहचान पत्र में बदलाव के लिए ऑनलाइन सेवा की सुविधा शुरु कर दी है। अब आप यह काम घर बैठे मिनटों में कर सकेंगे। इस सुविधा का इस्तेमाल करने के लिए बस आपको चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट www.nvsp.in पर लॉग ऑन करना होगा। और इसके बाद मतदाता पहचान पत्र में बदलाव के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा।
इतना ही नहीं, भारतीय चुनाव आयोग ने वेब आधारित एप्लिकेशन की भी शुरूआत की है। इस एप्लीकेशन के जरिए अधिकारियों को एसएमएस अलर्ट के माध्यम से नए नामांकन के बारे में अपने आप पता चल जाएगा।
मतदाता पहचान पत्र में बदलाव के लिए ऑनलाइन आवेदन:-
नई दिल्ली। यदि आप अपने मतदाता पहचान पत्र में कोई बदलाव करना चाहते हैं तो अब आपको चुनाव आयोग के कार्यालय का चक्कर लगाने की जरुरत नहीं है। चुनाव आयोग ने डिजिटल इंडिया के तहत इस बार आगामी लोकसभा चुनाव से पहले मतदाता पहचान पत्र में बदलाव के लिए ऑनलाइन सेवा की सुविधा शुरु कर दी है। अब आप यह काम घर बैठे मिनटों में कर सकेंगे। इस सुविधा का इस्तेमाल करने के लिए बस आपको चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट www.nvsp.in पर लॉग ऑन करना होगा। और इसके बाद मतदाता पहचान पत्र में बदलाव के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा।
इतना ही नहीं, भारतीय चुनाव आयोग ने वेब आधारित एप्लिकेशन की भी शुरूआत की है। इस एप्लीकेशन के जरिए अधिकारियों को एसएमएस अलर्ट के माध्यम से नए नामांकन के बारे में अपने आप पता चल जाएगा।
मतदाता पहचान पत्र में बदलाव के लिए ऑनलाइन आवेदन:-
इंदौर (मध्य प्रदेश) । लोकायुक्त पुलिस इंदौर की छापेमारी में पटवारी के ठिकानों से करोडों की संपत्ति का खुलासा हुआ है । लोकायुक्त ने पटवारी जाकिर हुसैन के घर सहित छह ठिकानों पर छापेमारी की । इस छापेमारी में करीब 18 करोड़ की संपत्ति का खुलासा हुआ है। लोकायुक्त पुलिस ने आय से अधिक संपत्ति जमा करने की शिकायत मिलने के बाद जाकिर हुसैन के खिलाफ ये कार्रवाई की ।
आपको बता दें कि लोकायुक्त पुलिस इंदौर को जाकिर हुसैन के पास आय से अधिक संपत्ति होने की शिकायतें मिली थी। जिसके बाद पुलिस ने बृहस्पतिवार को इंदौर शहर के श्रीनगर कांकड़ इलाके में रहने वाले पटवारी जाकिर हुसैन और उसके मामा सादिक के घर सहित 6 ठिकानों पर छापा मारा। छापे में पटवारी के मामा सादिक के नाम पर नायता मूंडला बायपास स्थित सिल्वर स्प्रिंग टाउनशिप तीन हजार वर्ग फीट का तीन मंजिला मकान, शाजापुर के ग्राम बोलिया में 60 बीघा जमीन, शाजापुर में ही एक दुकान, 18 सौ वर्गफीट का प्लॉट, नकद, जेवर के साथ ही खजराना इंदौर, उज्जैन आदि स्थानों पर मकान व जमीन मिली। पटवारी की सारी संपत्ति उसके मामा सादिक के नाम पर है। टीम ने खजराना स्थित मकान, रेडियो कॉलोनी के मकान और शाजापुर के ठिकाने पर भी दबिश दी। टीम को पता चला कि पटवारी के हाउसिंग बोर्ड के शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और बंगाली चौराहे पर दो ऑफिस हैं, जिसे टीम ने सील कर दिया है। बताया जा रहा है कि जाकिर हुसैन ने 2005 में नौकरी ज्वॉइन की थी, और 2018 में वह 17 से 18 करोड़ रुपए का मालिक बन गया।
लोकायुक्त पुलिस की छापेमारी में मिली संपत्ति:-
दिल्ली । गुरु तेगबहादुर अस्पताल के दिल्ली राज्य कैसर संस्थान में सुविधाओं को लेकर आप सरकार ने एक अहम फैसला लिया है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को 24 बेड के एक सेमी-प्राइवेट वार्ड के उद्घाटन के दौरान एलान किया कि संस्थान में अब दिल्ली के मरीजों के लिए 40 फीसदी से बढ़ाकर 80 फीसदी सुविधाएं आरक्षित होंगी । साथ ही उन्होंने कहा कि अस्पताल के लिए 6.4 एकड़ अतिरिक्त जमीन भी स्वीकृत की जाएगी।
दिल्ली राज्य कैंसर संस्थान के नए 24 बेड के सेमी-प्राइवेट वार्ड के उद्घाटन के दौरान केजरीवाल के साथ दिल्ली के समाज कल्याण मंत्री राजेंद्र पाल गौतम और स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन भी मौजूद थे। केजरीवाल ने कहा कि संस्थान में 80 फीसदी सुविधाओं के आरक्षण के अलावा 1000 अतिरिक्त बेड की व्यवस्था कराने के लिए सरकार 6.5 एकड़ जमीन भी मुहैया कराएगी। इस दौरान उन्होंने बेहतर सुविधाओं के लिए अस्पताल प्रशासन की तारीफ भी की। साथ ही संस्थान के अतिरिक्त उपकरण खरीदने के लंबित प्रस्तावों को सरकार दस दिन में हरी झंडी देने का भरोसा भी दिया। केजरीवाल ने बताया कि कैंसर संस्थान की जनरल काउंसिल का पुनर्गठन स्वास्थ्य मंत्री की अध्यक्षता में होगा। काउंसिल लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाएगी।
दिल्ली । गुरु तेगबहादुर अस्पताल के दिल्ली राज्य कैसर संस्थान में सुविधाओं को लेकर आप सरकार ने एक अहम फैसला लिया है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को 24 बेड के एक सेमी-प्राइवेट वार्ड के उद्घाटन के दौरान एलान किया कि संस्थान में अब दिल्ली के मरीजों के लिए 40 फीसदी से बढ़ाकर 80 फीसदी सुविधाएं आरक्षित होंगी । साथ ही उन्होंने कहा कि अस्पताल के लिए 6.4 एकड़ अतिरिक्त जमीन भी स्वीकृत की जाएगी।
दिल्ली राज्य कैंसर संस्थान के नए 24 बेड के सेमी-प्राइवेट वार्ड के उद्घाटन के दौरान केजरीवाल के साथ दिल्ली के समाज कल्याण मंत्री राजेंद्र पाल गौतम और स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन भी मौजूद थे। केजरीवाल ने कहा कि संस्थान में 80 फीसदी सुविधाओं के आरक्षण के अलावा 1000 अतिरिक्त बेड की व्यवस्था कराने के लिए सरकार 6.5 एकड़ जमीन भी मुहैया कराएगी। इस दौरान उन्होंने बेहतर सुविधाओं के लिए अस्पताल प्रशासन की तारीफ भी की। साथ ही संस्थान के अतिरिक्त उपकरण खरीदने के लंबित प्रस्तावों को सरकार दस दिन में हरी झंडी देने का भरोसा भी दिया। केजरीवाल ने बताया कि कैंसर संस्थान की जनरल काउंसिल का पुनर्गठन स्वास्थ्य मंत्री की अध्यक्षता में होगा। काउंसिल लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाएगी।
उत्तर प्रदेश सरकार ने पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल करते हुए एक साथ 21 जिलों के पुलिस अधीक्षकों समेत 30 आईपीएस अधिकारियों का तबादला कर दिया है। इसी के साथ प्रांतीय पुलिस सेवा के 21 अधिकारियों का भी तबादला कर दिया गया है। जिसमें निम्नलिखित पुलिस अधिकारी शामिल हैं।
आईपीएस अधिकारी वर्तमान तैनाती नवीन तैनाती
पीपीएस अधिकारी का नाम नवीन तैनाती
बिहार में हाईस्कूल या इंटरमीडिएट का अंकपत्र (मार्कशीट) आप बहुत ही आसानी से ऑनलाइन प्राप्त कर सकते हैं।








आजमगढ़ (उत्तर प्रदेश) । बैंक शाखा प्रबंधक को छोटे सिक्के जमा करने से इनकार करना मंहगा पड़ गया। आजमगढ़ के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अवधेश कुमार सिंह की अदालत ने काशी गोमती संयुक्त ग्रामीण बैंक दुर्वासा के शाखा प्रबंधक और फूलपुर के कोतवाल पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई का आदेश दिया है। अदालत ने छोटे सिक्कों को जमा न करने और इस संबंध में दिए आदेश का अनुपालन न कराने को द्रेशद्रोह माना है। अदालत ने ये फैसला क्षेत्र के एक दुकान व्यवसायी की शिकायत पर सुनाया है।
आपको बता दें कि शिकायकर्ता व्यवसायी दिलीप पांडेय पुत्र प्रगट पांडेय आजमगढ़ जिले के अहरौला क्षेत्र के भीलमपट्टी गांव के निवासी हैं। वह एक नमकीन की दुकान चलाते हैं। वह दुकान पर ग्राहकों द्वारा दिए गए छोटे-बड़े सिक्कों को फूलपुर कोतवाली क्षेत्र के दुर्वासा धाम स्थित काशी गोमती संयुक्त ग्रामीण बैंक में जमा कराते थे। वह 22 दिसंबर 2017 को दुकान पर जमा काफी मात्रा में छोटे सिक्कों को लेकर बैंक खाते में जमा कराने पहुंचे थे। लेकिन बैंक के काउंटर पर मौजूद शाखा प्रबंधक फूलचंद राम ने सिक्कों को लेने से इंकार दिया। और दिलीप पांडेय से कहा कि वह छोटे सिक्कों की बजाय नोट जमा कराए। जब दिलीप पांडेय ने शाखा प्रबंधक से कई बार सिक्कों को जमा करने की अपील की, तो उन्होंने उसका अपमान करते हुए काफी डांटा-फटाकारा। इतना ही नहीं शाखा प्रबंधक ने चेतावनी भी दी कि यदि वह दोबारा छोटे सिक्के लेकर आया तो उसका बैंक में खाता बंद कर देंगे।
शाखा प्रबंधक की इस मनमानी से परेशान दिलीप पांडेय 23 दिसंबर 2017 को जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचा और उसने जिलाधिकारी से मामले की शिकायत की। दिलीप पांडेय की शिकायत सुनने के बाद जिलाधिकारी ने फूलपुर के कोतवाल को बैंक जाकर दिलीप पांडेय के सिक्कों को जमा कराने का निर्देश दिया। लेकिन जिलाधिकारी के निर्देश के बावजूद तत्कालीन कोतवाल फूलपुर रामायण सिंह ने सिक्के जमा कराने में कोई रुचि नहीं दिखाई और मामले को टरका दिया। ऐसी दशा में हैरान-परेशान दिलीप पांडेय ने 24 जुलाई 2018 को अदालत का दरवाजा खटखटाया । इस मामले की सुनवाई मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अवधेश कुमार सिंह की अदालत में हुई। अदालत ने इसको भारतीय मुद्रा से संबंधित देशद्रोह की श्रेणी में पाते हुए फूलपुर कोतवाली के तत्कालीन कोतवाल रामायण सिंह और शाखा प्रबंधक फूलचंद के विरुद्ध फूलपुर कोतवाली में मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया।
वहीं अदालत के आदेश के बाद आजमगढ़ के एसपी(ग्रामीण) नरेंद्र प्रताप सिंह ने बयान दिया कि मामला उनकी जानकारी में नहीं है। यदि कोर्ट ने आदेश दिया है तो मुकदमा दर्ज कर जांच की जाएगी। जो भी सच होगा उसके तहत कार्रवाई की जाएगी। जबकि फूलपुर कोतवाली के तत्कालीन कोतवाल रामायण सिंह अपनी गलती स्वीकार करने की बजाय शिकायतकर्ता को ही कठघरे में खड़ा करने की कोशिश की। उनका कहना था कि व्यवसायी के 14 हजार रुपये के सिक्के 22 दिसंबर को ही बैंक में जमा करा दिए गए थे। जिसकी रिसीविंग है। दिलीप पांडेय तिल का ताड़ बना रहे हैं। हालांकि अदालत के आदेश के बाद तत्कालीन कोतवाल रामायण सिंह के खिलाफ कार्रवाई होना तय है । अब वह व्यवसायी के साथ की गयी लापरवाही से बच नहीं सकते हैं।
नई दिल्ली। आज मोबाइल फोन मैसेजिंग एप वॉट्सएप सोशल मीडिया का एक ऐसा माध्यम बन चुका है। जिसके माध्यम से बड़ी आसानी से लोग एक-दूसरे से जुड़ सकते हैं। इसी बात को ध्यान में रखते हुए शिक्षा निदेशालय ने बच्चों की सुरक्षा के लिए एक अहम कदम उठाया है। अब वाट्सएप ग्रुप का इस्तेमाल स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और उनके खिलाफ होने वाली घटनाओं की रोकथाम के लिए किया जाएगा। इसके लिए शिक्षा निदेशालय एक ऐसा वाट्सएप ग्रुप बनाने जा रहा है, जिसमें स्थानीय पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों समेत स्कूल प्रिंसिपल शामिल होंगे। इस ग्रुप को बनाने का उद्देश्य है कि स्कूल प्रमुख आपातकाल में इसका इस्तेमाल सूचना पहुंचाने के लिए कर सकें। इसके साथ ही आवश्यकता पड़ने पर समय रहते पुलिस भी कार्रवाई कर सके। जिससे बच्चों के साथ होने वाली किसी प्रकार की अनहोनी से बचा जा सके।
वाट्सएप ग्रुप बनाने के संबंध में शिक्षा निदेशक संजय गोयल ने एक आदेश जारी किया है। संजय गोयल द्वारा जारी किए गए इस आदेश में दिल्ली पुलिस के विशेष आयुक्त से भी आग्रह किया है कि वे अपने सभी थाना प्रभारी को इस संबंध में निर्देश जारी करें। इस आदेश में कहा गया है कि बीते दिनों स्कूली बच्चों के साथ हुई घटना के बाद से यह जरूरी हो गया है कि स्कूल प्रमुख, जोनल समेत जिला उपशिक्षा निदेशक, स्थानीय थाना प्रभारी और सहायक पुलिस आयुक्त आपस में निकटता से जुड़े रहें। शिक्षा निदेशक ने अपने आदेश में सभी जोनल उपशिक्षा निदेशकों को निर्देशित किया है कि वे सभी स्कूल प्रमुखों को लिखित में उनसे संबंधित थाना प्रभारियों के मोबाइल नंबर उपलब्ध कराएं, जिससे संस्थागत वाट्सएप ग्रुप तैयार हो सकें, जिसमें दोनों तरफ से सूचनाओं का आदान-प्रदान हो सके। निदेशक ने अपने आदेश में जोनल उप निदेशकों को स्पष्ट किया है कि संबंधित थाना प्रभारी अगर इस संबंध में कार्रवाई नहीं कर रहा है तो वह इस मामले से जिला उपशिक्षा निदेशक को अवगत कराएं। ऐसी स्थिति में वे इस बारे में सहायक पुलिस आयुक्त से बात करेंगे।
आपको बता दें कि कई बार आपातकाल में पुलिस और स्कूल के बीच किसी कारण से टेलीफोन के जरिये संपर्क करना मुश्किल हो जाता है। ऐसे समय में वाट्सएप महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इसके माध्यम से सभी लोगों तक सूचना तुरंत भेजी जा सकती हैं। जिससे स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और उनके खिलाफ होने वाली घटनाओं की जल्दी से रोका जा सके।
नई दिल्ली। आज मोबाइल फोन मैसेजिंग एप वॉट्सएप सोशल मीडिया का एक ऐसा माध्यम बन चुका है। जिसके माध्यम से बड़ी आसानी से लोग एक-दूसरे से जुड़ सकते हैं। इसी बात को ध्यान में रखते हुए शिक्षा निदेशालय ने बच्चों की सुरक्षा के लिए एक अहम कदम उठाया है। अब वाट्सएप ग्रुप का इस्तेमाल स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और उनके खिलाफ होने वाली घटनाओं की रोकथाम के लिए किया जाएगा। इसके लिए शिक्षा निदेशालय एक ऐसा वाट्सएप ग्रुप बनाने जा रहा है, जिसमें स्थानीय पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों समेत स्कूल प्रिंसिपल शामिल होंगे। इस ग्रुप को बनाने का उद्देश्य है कि स्कूल प्रमुख आपातकाल में इसका इस्तेमाल सूचना पहुंचाने के लिए कर सकें। इसके साथ ही आवश्यकता पड़ने पर समय रहते पुलिस भी कार्रवाई कर सके। जिससे बच्चों के साथ होने वाली किसी प्रकार की अनहोनी से बचा जा सके।
वाट्सएप ग्रुप बनाने के संबंध में शिक्षा निदेशक संजय गोयल ने एक आदेश जारी किया है। संजय गोयल द्वारा जारी किए गए इस आदेश में दिल्ली पुलिस के विशेष आयुक्त से भी आग्रह किया है कि वे अपने सभी थाना प्रभारी को इस संबंध में निर्देश जारी करें। इस आदेश में कहा गया है कि बीते दिनों स्कूली बच्चों के साथ हुई घटना के बाद से यह जरूरी हो गया है कि स्कूल प्रमुख, जोनल समेत जिला उपशिक्षा निदेशक, स्थानीय थाना प्रभारी और सहायक पुलिस आयुक्त आपस में निकटता से जुड़े रहें। शिक्षा निदेशक ने अपने आदेश में सभी जोनल उपशिक्षा निदेशकों को निर्देशित किया है कि वे सभी स्कूल प्रमुखों को लिखित में उनसे संबंधित थाना प्रभारियों के मोबाइल नंबर उपलब्ध कराएं, जिससे संस्थागत वाट्सएप ग्रुप तैयार हो सकें, जिसमें दोनों तरफ से सूचनाओं का आदान-प्रदान हो सके। निदेशक ने अपने आदेश में जोनल उप निदेशकों को स्पष्ट किया है कि संबंधित थाना प्रभारी अगर इस संबंध में कार्रवाई नहीं कर रहा है तो वह इस मामले से जिला उपशिक्षा निदेशक को अवगत कराएं। ऐसी स्थिति में वे इस बारे में सहायक पुलिस आयुक्त से बात करेंगे।
आपको बता दें कि कई बार आपातकाल में पुलिस और स्कूल के बीच किसी कारण से टेलीफोन के जरिये संपर्क करना मुश्किल हो जाता है। ऐसे समय में वाट्सएप महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इसके माध्यम से सभी लोगों तक सूचना तुरंत भेजी जा सकती हैं। जिससे स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और उनके खिलाफ होने वाली घटनाओं की जल्दी से रोका जा सके।
ग्वालियर (मध्य प्रदेश)। लोकायुक्त पुलिस के छापे में प्रदेश का एक और अधिकारी करोड़ों का आसामी निकला । छापेमारी में महिला बाल विकास अधिकारी के घर से करोड़ों की संपत्ति का खुलासा हुआ है। ग्वालियर लोकायुक्त पुलिस की इस कार्रवाई में सहायक ग्रेड-तीन अधिकारी ध्रुव सिंह भदौरिया के ग्वालियर और भिंड सहित तीन ठिकानों से 6 लाख रुपए कैश, दो डुप्लेक्स, दो प्लॉट और गहने का पता चला है।
ग्वालियर लोकायुक्त पुलिस को सहायक ग्रेड-तीन अधिकारी ध्रुव सिंह भदौरिया खिलाफ आय से अधिक संपत्ति की शिकायत मिली थी । इस मामले की शिकायत की जांच के बाद लोकायुक्त की दो टीमों ने शुक्रवार सुबह से ध्रुव सिंह भदौरिया के ग्वालियर और भिंड के ठिकानों पर कार्रवाई शुरू की। लोकायुक्त पुलिस ने ग्वालियर के शताब्दीपुरम स्थित उनके घर और भिंड दोनों जगह पर छापे मारे । इस छापेमारी में बड़ी संख्या अवैध संपत्ति का पता चला है। इस अवैध संपत्ति में 6 लाख रुपए नकद, दो डुप्लेक्स, दो प्लॉट और गहने का खुलासा हुआ है। एसपी अमित सिंह और डीएसपी प्रद्युम्न पाराशर के नेतृत्व में ग्वालियर में लोकायुक्त टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। जबकि दूसरी टीम ने भिण्ड के ठिकाने पर छापा मारा।
आपको बता दें कि सहायक ग्रेड-तीन अधिकारी ध्रुव सिंह भदौरिया भिंड जिले में पदस्थ है। ध्रुव सिंह भदौरिया की नियुक्ति पहले चतुर्थ श्रेणी में हुई थी। हालांकि अभी वह महिला बाल विकास विभाग में सहायक ग्रेड 2 के पद पर पदस्थ है। वर्तमान में इसका वेतन 35 हजार रुपए है। लोकायुक्त पुलिस का अनुमान है कि वेतन के हिसाब से ध्रुव सिंह भदौरिया की संपत्ति वर्तमान में तीस लाख होनी चाहिए। इसलिए ऐसा लगता है कि उसने ये संपत्ति भ्रष्ट तरीके से इकट्ठा की है।
नई दिल्ली। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में किसी काम के लिए लाइन लगाना अब पुराने जमाने की बात हो जाएगी। बैंक की नई पहल के मुताबिक आप अपना एंड्राइड फोन उठाइए और 'नो क्यू' मोबाइल एप से बैंक में नंबर लगाइए और लंबी लाइन की परेशानी से निश्चिंत हो जाइये। नंबर लगाते ही आपको एक ई-टोकन मिलेगा। आप ई-टोकन में दिए गए समय के अनुसार बैंक में जाइए और तुंरत ही अपना काम निपटाकर घर चले आइए। एसबीआई प्रबंधन का कहना है कि पहले चरण में इसे बड़ी शाखाओं में लागू किया गया है। इनके प्रदर्शन के बाद सभी शाखाओं को इसमें शामिल कर लिया जाएगा। एसबीआइ के उप महाप्रबंधक संदीप मिश्रा का कहना है कि ग्राहकों की सुविधा के लिए बैंक की लॉबी में ऑडियो-वीडियो की भी व्यवस्था की गयी है।
आपको बता दें कि एसबीआई द्वारा शुरु किए गए इस 'नो क्यू' मोबाइल एप से 18 सेवाओं को जोड़ा गया है। जिसमें धनराशि निकालना, जमा करना व चेक जमा करने के अलावा कई और कार्य शामिल हैं। हालांकि सीनियर सिटीजन को नंबर लगाने के बाद भी विशेष प्राथमिकता दी जाएगी।
एसबीआई के इस मोबाइल एप को डाउनलोड करने के लिए आपको गूगल प्ले स्टोर में जाना होगा। जैसे ही गूगल प्ले स्टोर में आप इसे ओपेन करेंगे वैसे ही आपको बैंक की शाखाओं की सूची दिखायी देगी। आप यहां पर अपनी शाखा को सेलेक्ट कर नंबर लगा दीजिए। कुछ देर बाद आपके मोबाइल पर ई-टोकन दिखाई देगा। इसके साथ ही आपको यह भी दिखाई देगा कि आपको शाखा पर किस समय पहुंचना है। आप निश्चित समय पर बैंक पहुंच कर निर्धारित काउंटर पर ई-टोकन दिखाकर लेन-देन का काम मिनटों निपटाकर आप घर वापस आ सकते हैं। इस सुविधा का हर व्यक्ति को लाभ उठाना चाहिए, जो लोग एंड्राइड मोबाइल का इस्तेमाल करते हैं।
नई दिल्ली। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में किसी काम के लिए लाइन लगाना अब पुराने जमाने की बात हो जाएगी। बैंक की नई पहल के मुताबिक आप अपना एंड्राइड फोन उठाइए और 'नो क्यू' मोबाइल एप से बैंक में नंबर लगाइए और लंबी लाइन की परेशानी से निश्चिंत हो जाइये। नंबर लगाते ही आपको एक ई-टोकन मिलेगा। आप ई-टोकन में दिए गए समय के अनुसार बैंक में जाइए और तुंरत ही अपना काम निपटाकर घर चले आइए। एसबीआई प्रबंधन का कहना है कि पहले चरण में इसे बड़ी शाखाओं में लागू किया गया है। इनके प्रदर्शन के बाद सभी शाखाओं को इसमें शामिल कर लिया जाएगा। एसबीआइ के उप महाप्रबंधक संदीप मिश्रा का कहना है कि ग्राहकों की सुविधा के लिए बैंक की लॉबी में ऑडियो-वीडियो की भी व्यवस्था की गयी है।
आपको बता दें कि एसबीआई द्वारा शुरु किए गए इस 'नो क्यू' मोबाइल एप से 18 सेवाओं को जोड़ा गया है। जिसमें धनराशि निकालना, जमा करना व चेक जमा करने के अलावा कई और कार्य शामिल हैं। हालांकि सीनियर सिटीजन को नंबर लगाने के बाद भी विशेष प्राथमिकता दी जाएगी।
एसबीआई के इस मोबाइल एप को डाउनलोड करने के लिए आपको गूगल प्ले स्टोर में जाना होगा। जैसे ही गूगल प्ले स्टोर में आप इसे ओपेन करेंगे वैसे ही आपको बैंक की शाखाओं की सूची दिखायी देगी। आप यहां पर अपनी शाखा को सेलेक्ट कर नंबर लगा दीजिए। कुछ देर बाद आपके मोबाइल पर ई-टोकन दिखाई देगा। इसके साथ ही आपको यह भी दिखाई देगा कि आपको शाखा पर किस समय पहुंचना है। आप निश्चित समय पर बैंक पहुंच कर निर्धारित काउंटर पर ई-टोकन दिखाकर लेन-देन का काम मिनटों निपटाकर आप घर वापस आ सकते हैं। इस सुविधा का हर व्यक्ति को लाभ उठाना चाहिए, जो लोग एंड्राइड मोबाइल का इस्तेमाल करते हैं।
पटना (बिहार) । मुख्यमंत्री नितीश कुमार ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पटना के गांधी मैदान में राज्य के संविदा कर्मियों को शानदार तोहफा दिया है। नीतीश कुमार ने गांधी मैदान से ऐलान किया कि अब बिहार के सभी पांच लाख संविदा कर्मियों को स्थायी सरकारी कर्मियों की तरह लाभ मिलेगा। राज्य के सभी संविदाकर्मियों की सेवा स्थायी कर दी गई हैं। नीतीश ने कहा कि संविदाकर्मियों को सभी तरह का लाभ मिलेगा और उनकी सेवा शर्त अनुशंसा के अनुसार लागू होगी। इसके तहत छुट्टी, सेवा दिवस, नई भर्ती में मौका जैसी बातें शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि समिति द्वारा की गई अनुशंसा के अनुसार नियम लागू होंगे।
आपको बता दें कि संविदाकर्मियों के कल्याण के लिए बिहार के पूर्व मुख्य सचिव अशोक कुमार चौधरी की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गयी थी। कमेटी ने सभी संविदाकर्मियों की सेवा 60 साल तक स्थायी करने और स्थायी कर्मचारियों की तरह बोनस, मेडिकल लीव, नई भर्ती में मौका और अन्य सुविधाएं देने की सिफारिश की थी। इस कमेटी ने अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को सौंपी थी। बिहार के विभिन्न कार्यालयों में संविदा पर पांच लाख से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं। इनमें कार्यालय सहायक से लेकर कंप्यूटर ऑपरेटर तक शामिल हैं। हालांकि अशोक चौधरी कमेटी की सिफारिशों को लागू करने से राज्य सरकार के खजाने पर बोझ पड़ेगा। वहीं राजनैतिक विश्लेषकों का कहना है कि नीतीश कुमार ने 2019 के चुनाव को ध्यान में रखते हुए ये जबरदस्त दांव चला है। इस फैसले से करीब 20 लाख वोटरों को साधने की कोशिश की गयी है।