Total: 1726 results found.
Page 26 of 87
हम उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जनपद में श्रृंगवेरपुर विकास खंड के अंतर्गत आने वाले पठान का पूरा में स्थित मदरसा अमीरिया इस्लामिया पहुंचे और वहां के शिक्षक से मदरसे में दी जा रही शिक्षा के विषय में पूछा तो वह शिक्षा के विषय में बताने की बजाय मीडिया और सरकार पर ही भड़क गये और ऊटपटांग कहना शुरु कर दिया। ....चलिये आपको सुनाते हैं। हमारी वेबसाइट है: http://adhikarexpress.com/
हम उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जनपद में श्रृंगवेरपुर विकास खंड के अंतर्गत आने वाले पठान का पूरा में स्थित मदरसा अमीरिया इस्लामिया पहुंचे और वहां के शिक्षक से मदरसे में दी जा रही शिक्षा के विषय में पूछा तो वह शिक्षा के विषय में बताने की बजाय मीडिया और सरकार पर ही भड़क गये और ऊटपटांग कहना शुरु कर दिया। ....चलिये आपको सुनाते हैं। हमारी वेबसाइट है: http://adhikarexpress.com/
किसी भी सरकारी अस्पताल में जब आप चिकित्सा कराने के लिये जाते हैं तो वहां पर चिकित्सा अधिकारी यानी डॉक्टर के अलावा जिस महत्वपूर्ण स्वास्थ्यकर्मी से आपका सामान होता है उसे फार्मासिस्ट कहते हैं। फार्मासिस्ट को केमिस्ट भी कहा जाता है। यह वह महत्वपूर्ण स्वास्थ्यकर्मी होता है, जो डॉक्टर द्वारा लिखी गयी दवायें आपको उपलब्ध कराता है| और भंडार में दवाओं की उपलब्धता भी सुनिश्चित करता है। इतना ही नहीं अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ नहीं होने की स्थित में आपके घाव की मरहम पट्टी करने के साथ ही आपका तापमान भी लेता है। हालांकि हो सकता है अभी भी कुछ लोगों को पता ही न हो कि अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केंद्रों में कार्यरत फार्मासिस्ट कौन होते हैं और उनके कार्य एवं दायित्व क्या होते हैं। यदि आपको भी नहीं पता हैं तो कोई बात नहीं है, चलिये हम आपको विस्तार से बताते हैं। हमारी वेबसाइट है: http://adhikarexpress.com/
किसी भी सरकारी अस्पताल में जब आप चिकित्सा कराने के लिये जाते हैं तो वहां पर चिकित्सा अधिकारी यानी डॉक्टर के अलावा जिस महत्वपूर्ण स्वास्थ्यकर्मी से आपका सामान होता है उसे फार्मासिस्ट कहते हैं। फार्मासिस्ट को केमिस्ट भी कहा जाता है। यह वह महत्वपूर्ण स्वास्थ्यकर्मी होता है, जो डॉक्टर द्वारा लिखी गयी दवायें आपको उपलब्ध कराता है| और भंडार में दवाओं की उपलब्धता भी सुनिश्चित करता है। इतना ही नहीं अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ नहीं होने की स्थित में आपके घाव की मरहम पट्टी करने के साथ ही आपका तापमान भी लेता है। हालांकि हो सकता है अभी भी कुछ लोगों को पता ही न हो कि अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केंद्रों में कार्यरत फार्मासिस्ट कौन होते हैं और उनके कार्य एवं दायित्व क्या होते हैं। यदि आपको भी नहीं पता हैं तो कोई बात नहीं है, चलिये हम आपको विस्तार से बताते हैं। हमारी वेबसाइट है: http://adhikarexpress.com/
हमारे देश में चिकित्सा के कार्य को बहुत सम्मान की नजर से देखा जाता है। लोग चिकित्सक यानी डॉक्टर को भगवान का स्थान देते हैं। क्योंकि किसी भी व्यक्ति को जब भी कोई बीमारी होती है तो वह चिकित्सा के लिये अपने घर के पास स्थित सरकारी अस्पताल यानी चिकित्सा केंद्र की तरफ भागता है। और वहां जाकर प्रभारी चिकित्सा अधिकारी यानी डॉक्टर से संपर्क करता है और फिर अपनी चिकित्सा करवाता है। लेकिन चकित करने वाली बात यह है कि आज भी अधिकतर लोगों को पता ही नहीं है कि उनके पास के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र या प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में जो डॉक्टर यानी प्रभारी चिकित्सा अधिकारी कार्य कर रहे हैं उनके कर्तव्य और उत्तरदायित्व क्या होते हैं। यदि आप भी नहीं जानते हैं तो कोई बात नहीं है, चलिये हम आपको विस्तार से बताते हैं। हमारी वेबसाइट है: http://adhikarexpress.com/
हमारे देश में चिकित्सा के कार्य को बहुत सम्मान की नजर से देखा जाता है। लोग चिकित्सक यानी डॉक्टर को भगवान का स्थान देते हैं। क्योंकि किसी भी व्यक्ति को जब भी कोई बीमारी होती है तो वह चिकित्सा के लिये अपने घर के पास स्थित सरकारी अस्पताल यानी चिकित्सा केंद्र की तरफ भागता है। और वहां जाकर प्रभारी चिकित्सा अधिकारी यानी डॉक्टर से संपर्क करता है और फिर अपनी चिकित्सा करवाता है। लेकिन चकित करने वाली बात यह है कि आज भी अधिकतर लोगों को पता ही नहीं है कि उनके पास के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र या प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में जो डॉक्टर यानी प्रभारी चिकित्सा अधिकारी कार्य कर रहे हैं उनके कर्तव्य और उत्तरदायित्व क्या होते हैं। यदि आप भी नहीं जानते हैं तो कोई बात नहीं है, चलिये हम आपको विस्तार से बताते हैं। हमारी वेबसाइट है: http://adhikarexpress.com/
प्रयागराज जनपद में श्रृंगवेरपुर जनपद के अंतर्गत आने वाले आनापुर बाजार में सीसीटीवी में कैद हुये चार चोर। हमारी वेबसाइट है: http://adhikarexpress.com/
हमारे देश में चुनावों को एक उत्सव जैसा माना जाता है और सभी राजनीतिक दल तथा मतदाता मिलकर इस उत्सव में हिस्सा लेते हैं। हालांकि इसके लिये किसी भी राज्य में चुनाव से पहले निर्वाचन आयोग एक अधिसूचना जारी करता है। इसके बाद उस राज्य में ‘आदर्श आचार संहिता’ लागू हो जाती है और चुनाव परिणाम आने तक जारी रहती है। इस समय चुनाव का पूरा काम चुनाव आयोग और बाकी काम प्रशासनिक अधिकारी देखते हैं। लेकिन दिलचस्प बात यह है कि सामान्य मतदाताओं के अलावा कई प्रत्याशी भी नहीं जानते हैं कि आखिर ‘आदर्श आचार संहिता’ किस बला का नाम है। यदि आप भी नहीं जानते हैं कि तो कोई बात नहीं है चलिये हम आपको विस्तार से बताते हैं कि आदर्श आचार संहिता क्या है? हमारी वेबसाइट है: http://adhikarexpress.com/
हमारे देश में चुनावों को एक उत्सव जैसा माना जाता है और सभी राजनीतिक दल तथा मतदाता मिलकर इस उत्सव में हिस्सा लेते हैं। हालांकि इसके लिये किसी भी राज्य में चुनाव से पहले निर्वाचन आयोग एक अधिसूचना जारी करता है। इसके बाद उस राज्य में ‘आदर्श आचार संहिता’ लागू हो जाती है और चुनाव परिणाम आने तक जारी रहती है। इस समय चुनाव का पूरा काम चुनाव आयोग और बाकी काम प्रशासनिक अधिकारी देखते हैं। लेकिन दिलचस्प बात यह है कि सामान्य मतदाताओं के अलावा कई प्रत्याशी भी नहीं जानते हैं कि आखिर ‘आदर्श आचार संहिता’ किस बला का नाम है। यदि आप भी नहीं जानते हैं कि तो कोई बात नहीं है चलिये हम आपको विस्तार से बताते हैं कि आदर्श आचार संहिता क्या है? हमारी वेबसाइट है: http://adhikarexpress.com/
ऐसा लगता है कि हमारे देश में भ्रष्टाचार रोजमर्रा की जीवन शैली बन गयी है। लोगों ने घूसखोरी को सर्वमान्य धर्म बना लिया है। यही कारण है कि हमारे देश का नाम घूसखोरी में शीर्ष पर है। घूसखोरी के आधार पर बनाये गयी गयी भ्रष्ट सूची में भारत का नाम सबसे ऊपर के देशों में आता है। यहां पर हर दूसरे व्यक्ति का कहना है कि उसने कभी न कभी घूस दिया है। चलिये आपको विस्तार से बताते हैं। हमारी वेबसाइट है: http://adhikarexpress.com/
आज हम आपको जनता की सेवा करने का दावा करने वाले उन नेताओं के विषय में बताने जा रहे है जो मुख्यमंत्री, मंत्री या विधायक बनने से पहले धन के अभाव में सड़कों पर चप्पलें घिसते नजर आते थे, लेकिन सत्ता प्राप्त करने के पश्चात् अब करोड़पति हो हो गये हैं, मंहगी-महंगी कारों से चलते हैं और करोड़ों रुपये के बंग्लों में रहते हैं। वह जितनी बार सत्ता में आते हैं उतनी बार दिन दोगुनी और रात चौगुनी रफ्तार से अपने धन को बढ़ाते रहते हैं। फिर उन्हें सुध नहीं रहती है कि वह मालिक नहीं जनता के सेवक हैं। चलिये अब हम आपको बताते हैं कि उत्तर प्रदेश के वो कौन-कौन से नेता हैं जो जनता की सेवा के नाम पर करोड़ों रुपये इक्ट्ठा कर रहे हैं। हमारी वेबसाइट है: http://adhikarexpress.com/
आखिर क्या कारण हैं कि जनता को पुलिस पर भरोसा नहीं है? दरअसल लोग पुलिस की क्रूरता, अमानवीय व्यवहार, वर्दी की रौब, घूसखोरी और प्रताड़ना से परेशान हैं। गोरखपुर में मनीष गुप्ता की मौत, उन्नाव रेपकांड, मैनपुरी में छात्रा की मौत और सोनभद्र का उम्भाकांड जैसे मामले पुलिस और जनता के बीच बनी खायी को और चौंड़ा कर रहे हैं। पुलिस के इन अमानवीय कारनामों के कारण ही जनता और पुलिस के बीच विश्वास बहाल नहीं हो पा रहा है। आज हम इसी मुद्दे पर बात करेंगे और साथ ही देश के मुख्य न्यायाधीश, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और विशेषज्ञों की राय से भी आपको परिचित करायेंगे। हमारी वेबसाइट है: http://adhikarexpress.com/
आखिर क्या कारण हैं कि जनता को पुलिस पर भरोसा नहीं है? दरअसल लोग पुलिस की क्रूरता, अमानवीय व्यवहार, वर्दी की रौब, घूसखोरी और प्रताड़ना से परेशान हैं। गोरखपुर में मनीष गुप्ता की मौत, उन्नाव रेपकांड, मैनपुरी में छात्रा की मौत और सोनभद्र का उम्भाकांड जैसे मामले पुलिस और जनता के बीच बनी खायी को और चौंड़ा कर रहे हैं। पुलिस के इन अमानवीय कारनामों के कारण ही जनता और पुलिस के बीच विश्वास बहाल नहीं हो पा रहा है। आज हम इसी मुद्दे पर बात करेंगे और साथ ही देश के मुख्य न्यायाधीश, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और विशेषज्ञों की राय से भी आपको परिचित करायेंगे। हमारी वेबसाइट है: http://adhikarexpress.com/
हाल ही में हम उत्तर प्रदेश में प्रयागराज जनपद के श्रृंगवेपुर विकास खंड के अंतर्गत आने वाले आनापुर गांव के प्राथमिक विद्यालय पहुंचे, तो वहां पर विकास खंड के दो एआरपी यानी एकेडमिक रिसोर्स पर्सन, विद्यालय की प्रधानाध्यापिका समेत सभी शिक्षकों के साथ बैठक करते हुये मिले। बैठक खत्म होने के पश्चात् जब हमने दोनों एआरपी से प्राथमिक विद्यालय की खस्ताहाल शिक्षा समेत कई मुद्दों पर विस्तार से बातचीत की, तो उन्होंने क्या कहा चलिये आपको सुनाते हैं...। हमारी वेबसाइट है: http://adhikarexpress.com/
हाल ही में हम उत्तर प्रदेश में प्रयागराज जनपद के श्रृंगवेपुर विकास खंड के अंतर्गत आने वाले आनापुर गांव के प्राथमिक विद्यालय पहुंचे, तो वहां पर विकास खंड के दो एआरपी यानी एकेडमिक रिसोर्स पर्सन, विद्यालय की प्रधानाध्यापिका समेत सभी शिक्षकों के साथ बैठक करते हुये मिले। बैठक खत्म होने के पश्चात् जब हमने दोनों एआरपी से प्राथमिक विद्यालय की खस्ताहाल शिक्षा समेत कई मुद्दों पर विस्तार से बातचीत की, तो उन्होंने क्या कहा चलिये आपको सुनाते हैं...। हमारी वेबसाइट है: http://adhikarexpress.com/
अब आज हम दूसरे भाग में आपको दिखाने जा रहे हैं कि किस प्रकार से मंसूराबाद से कोरारी तक ठेकदार द्वारा बनायी गयी इस सड़क की बदहाली से लोग किस प्रकार से गुस्से में हैं, और इसके विषय में उनका क्या कहना है। हमारी वेबसाइट है: http://adhikarexpress.com/
अब आज हम दूसरे भाग में आपको दिखाने जा रहे हैं कि किस प्रकार से मंसूराबाद से कोरारी तक ठेकदार द्वारा बनायी गयी इस सड़क की बदहाली से लोग किस प्रकार से गुस्से में हैं, और इसके विषय में उनका क्या कहना है। हमारी वेबसाइट है: http://adhikarexpress.com/
सन् 2020 में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का सपना देखा था। जिसका मुख्य उद्देश्य 500 से अधिक जनसंख्या वाले गांवों को सीधा शहरी क्षेत्रों से जोड़ना था। जिससे गांव के किसान सड़कों के सहयोग से शहरों से जुड़ सकें और अपनी फसलों को आसानी से बेच सकें। तथा गांव-गांव में एम्बुलेंस और अन्य चिकित्सीय सुविधाएं पहुंच सकें। हालांकि इस योजना के माध्यम से देश के हर छोटे गांवों को शहरों से जोड़ने के लिए सड़कें तो बना दी गयी, लेकिन भ्रष्टाचार के दीमक ने अटल बिहारी बाजपेयी के इस सपने को चकनाचूर कर दिया। लोक निर्माण विभाग द्वारा बनवायी गयी ये सड़कें एक वर्ष में ही उखड़ने लगी, लोगों का सड़क पर चलना दूभर हो गया, जबकि इस सड़क की पांच वर्ष की गारंटी दी गयी है। अब इस परिस्थिति में गांव के लोगों की दुनिया शहरों से जुड़ने की बजाय एक बार फिर गांव तक ही सिमट कर रह गयी है। चलिये अब हम आपको प्रयागराज जनपद के श्रृंगवेरपुर विकास खंड के अंतर्गत आने वाले एक ऐसे ही मंसूराबाद-कोरारी सड़क मार्ग की दशा दिखाते हैं। हमारी वेबसाइट है: http://adhikarexpress.com/
सन् 2020 में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का सपना देखा था। जिसका मुख्य उद्देश्य 500 से अधिक जनसंख्या वाले गांवों को सीधा शहरी क्षेत्रों से जोड़ना था। जिससे गांव के किसान सड़कों के सहयोग से शहरों से जुड़ सकें और अपनी फसलों को आसानी से बेच सकें। तथा गांव-गांव में एम्बुलेंस और अन्य चिकित्सीय सुविधाएं पहुंच सकें। हालांकि इस योजना के माध्यम से देश के हर छोटे गांवों को शहरों से जोड़ने के लिए सड़कें तो बना दी गयी, लेकिन भ्रष्टाचार के दीमक ने अटल बिहारी बाजपेयी के इस सपने को चकनाचूर कर दिया। लोक निर्माण विभाग द्वारा बनवायी गयी ये सड़कें एक वर्ष में ही उखड़ने लगी, लोगों का सड़क पर चलना दूभर हो गया, जबकि इस सड़क की पांच वर्ष की गारंटी दी गयी है। अब इस परिस्थिति में गांव के लोगों की दुनिया शहरों से जुड़ने की बजाय एक बार फिर गांव तक ही सिमट कर रह गयी है। चलिये अब हम आपको प्रयागराज जनपद के श्रृंगवेरपुर विकास खंड के अंतर्गत आने वाले एक ऐसे ही मंसूराबाद-कोरारी सड़क मार्ग की दशा दिखाते हैं। हमारी वेबसाइट है: http://adhikarexpress.com/
आप किसान हैं या फिर खेती का कार्य करते हैं तो आपका उत्तर प्रदेश के सिंचाई विभाग के कर्मचारियों से पाला अवश्य पड़ा होगा। और काफी लोग तो समय पर नहर से पानी न मिलने के कारण बहुत परेशान भी हो रहे हैं। आपकी इसी समस्या को ध्यान में रखते हुये हमने भेंट की नहर के बेलदार से,,,। जो नहरों में पानी छोड़ने और नहरों पर गश्त करने का कार्य करते हैं। बेलदार से जब हमने पूछा कि खेतों में समय से नहर का पानी क्यों नहीं आता है और नहर की साफ-सफाई क्यों नहीं होती है तो बेलदार ने ऐसा उत्तर दिया जिसे सुनकर आप हैरान और परेशान हो जायेंगे। चलिये आपको सुनाते हैं...। हमारी वेबसाइट है: http://adhikarexpress.com/