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आप किसान हैं या फिर खेती का कार्य करते हैं तो आपका उत्तर प्रदेश के सिंचाई विभाग के कर्मचारियों से पाला अवश्य पड़ा होगा। और काफी लोग तो समय पर नहर से पानी न मिलने के कारण बहुत परेशान भी हो रहे हैं। आपकी इसी समस्या को ध्यान में रखते हुये हमने भेंट की नहर के बेलदार से,,,। जो नहरों में पानी छोड़ने और नहरों पर गश्त करने का कार्य करते हैं। बेलदार से जब हमने पूछा कि खेतों में समय से नहर का पानी क्यों नहीं आता है और नहर की साफ-सफाई क्यों नहीं होती है तो बेलदार ने ऐसा उत्तर दिया जिसे सुनकर आप हैरान और परेशान हो जायेंगे। चलिये आपको सुनाते हैं...। हमारी वेबसाइट है: http://adhikarexpress.com/
उत्तर प्रदेश में प्रयागराज जनपद के मोहरब के अंतर्गत आने वाले, राम वन गमन मार्ग पर स्थित बायोवेद कृषि, प्रौद्योगिकी एवं विज्ञान शोध संस्थान के निदेशक बी के द्विवेदी ने किसानों की आय बढ़ाने का बीड़ा उठा लिया है। और इसके लिये वह कई वर्षों से लाख उद्योग का संचालन कर रहे हैं। वह इस संस्थान में छात्रों को कुशल बनाने के साथ ही किसानों को लाख लगाने के लिये प्रोत्साहित कर रहे हैं, जिससे किसान पारंपरिक खेती, धान-गेहूं के स्थान पर लाख का उत्पादन करके लाखों रुपये कमा सकें। अब चलिये हम आपको मिलवाते हैं संस्थान के निदेशक, डॉक्टर बी के द्विवेदी से---- हमारी वेबसाइट है: http://adhikarexpress.com/
उत्तर प्रदेश में प्रयागराज जनपद के मोहरब के अंतर्गत आने वाले, राम वन गमन मार्ग पर स्थित बायोवेद कृषि, प्रौद्योगिकी एवं विज्ञान शोध संस्थान के निदेशक बी के द्विवेदी ने किसानों की आय बढ़ाने का बीड़ा उठा लिया है। और इसके लिये वह कई वर्षों से लाख उद्योग का संचालन कर रहे हैं। वह इस संस्थान में छात्रों को कुशल बनाने के साथ ही किसानों को लाख लगाने के लिये प्रोत्साहित कर रहे हैं, जिससे किसान पारंपरिक खेती, धान-गेहूं के स्थान पर लाख का उत्पादन करके लाखों रुपये कमा सकें। अब चलिये हम आपको मिलवाते हैं संस्थान के निदेशक, डॉक्टर बी के द्विवेदी से---- हमारी वेबसाइट है: http://adhikarexpress.com/
सूचना का अधिकार कानून के अंतर्गत कोई भी नागरिक किसी भी सरकारी विभाग से कोई भी जानकारी ले सकता है, बस शर्त यह है कि आरटीआई के अंतर्गत पूछी जाने वाली जानकारी तथ्यों पर आधारित होनी चाहिए। यानि आप किसी सरकारी विभाग से उसके विचार नहीं पूछ सकते हैं। आरटीआई के अंतर्गत आप अपने क्षेत्र में हुये विकास के कार्यों के लिए खर्च हुए पैसे, राशन की दुकान में कब और कितना राशन आया आदि जैसे प्रश्न पूछ सकते हैं। इसके लिये सभी लोक प्राधिकरणों में जन सूचना अधिकारियों की नियुक्ति की गयी है। जो आवेदक को 30 दिन के भीतर सूचना देने के लिये उत्तरदायी होता है। यदि आप जन सूचना अधिकारी के विषय में जानते हैं तो अच्छी बात है, और नहीं जानते हैं तो चलिये हम आपको विस्तार से बताते हैं। हमारी वेबसाइट है: http://adhikarexpress.com/
सूचना का अधिकार कानून के अंतर्गत कोई भी नागरिक किसी भी सरकारी विभाग से कोई भी जानकारी ले सकता है, बस शर्त यह है कि आरटीआई के अंतर्गत पूछी जाने वाली जानकारी तथ्यों पर आधारित होनी चाहिए। यानि आप किसी सरकारी विभाग से उसके विचार नहीं पूछ सकते हैं। आरटीआई के अंतर्गत आप अपने क्षेत्र में हुये विकास के कार्यों के लिए खर्च हुए पैसे, राशन की दुकान में कब और कितना राशन आया आदि जैसे प्रश्न पूछ सकते हैं। इसके लिये सभी लोक प्राधिकरणों में जन सूचना अधिकारियों की नियुक्ति की गयी है। जो आवेदक को 30 दिन के भीतर सूचना देने के लिये उत्तरदायी होता है। यदि आप जन सूचना अधिकारी के विषय में जानते हैं तो अच्छी बात है, और नहीं जानते हैं तो चलिये हम आपको विस्तार से बताते हैं। हमारी वेबसाइट है: http://adhikarexpress.com/
हमारे देश में केंद्र और राज्य सरकारों ने श्रम कानूनों के अंतर्गत एक श्रम विभाग की स्थापना की है। जिससे दुकानों और श्रमिकों का पंजीकरण और नवीनीकरण करने के साथ ही दुकानों में कार्य करने वाले बाल श्रमिकों का चिन्हांकन, निरीक्षण और पुनर्वासन कराया जा सके। और उन्हें कल्याणकारी योजनाओं का लाभ आदि भी दिलाया जा सके। इसीलिये इनको धरातल पर लागू करने के लिये सरकार ने श्रम प्रवर्तन अधिकारी की नियुक्ति की है जो इन कार्यों के संचालन में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अब यदि आप लोगों को श्रम प्रवर्तन अधिकारी के विषय में जानकारी नहीं है तो कोई बात नही हैं। चलिये हम आपको बताते हैं कि श्रम प्रवर्तन अधिकारी कौन होता है और उसके दायित्व क्या होते हैं। हमारी वेबसाइट है: http://adhikarexpress.com/
हमारे देश में केंद्र और राज्य सरकारों ने श्रम कानूनों के अंतर्गत एक श्रम विभाग की स्थापना की है। जिससे दुकानों और श्रमिकों का पंजीकरण और नवीनीकरण करने के साथ ही दुकानों में कार्य करने वाले बाल श्रमिकों का चिन्हांकन, निरीक्षण और पुनर्वासन कराया जा सके। और उन्हें कल्याणकारी योजनाओं का लाभ आदि भी दिलाया जा सके। इसीलिये इनको धरातल पर लागू करने के लिये सरकार ने श्रम प्रवर्तन अधिकारी की नियुक्ति की है जो इन कार्यों के संचालन में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अब यदि आप लोगों को श्रम प्रवर्तन अधिकारी के विषय में जानकारी नहीं है तो कोई बात नही हैं। चलिये हम आपको बताते हैं कि श्रम प्रवर्तन अधिकारी कौन होता है और उसके दायित्व क्या होते हैं। हमारी वेबसाइट है: http://adhikarexpress.com/
महात्मा गाँधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना, यानी मनरेगा के अंतर्गत गांव में रहने वाले सर्वाधिक लाभ से वंचित लोगों को सामाजिक सुरक्षा, आजीविका सुरक्षा और लोकतांत्रिक अधिकारिता पर अपने प्रभाव के माध्यम से ग्रामीण भारत में समावेशी विकास सुनिश्चित किया जाता है। इसके लिये राज्य, जनपद, खंड एवं ग्राम स्तर पर विभिन्न कार्मिकों की नियुक्ति भी की गयी है। जो इन कार्यों को अंजाम देते हैं। खंड यानी ब्लॉक स्तर पर ऐसे ही एक अधिकारी, कार्यक्रम अधिकारी की नियुक्ति की गयी है जो ग्राम पंचायतों से प्राप्त समस्त परियोजना प्रस्तावों और शिकायतों की जांच के साथ, उनका पर्येवेक्षण तथा मूल्यांकन करता है। जिससे सही व्यक्ति तक योजना का लाभ पहुंच सके। अब यदि आप लोगों को कार्यक्रम अधिकारी के विषय में जानकारी नहीं है तो कोई बात नहीं है। चलिये हम आपको बताते हैं कि कार्यक्रम अधिकारी कौन होता है? उसके कार्य क्या होते हैं? हमारी वेबसाइट है: http://adhikarexpress.com/
महात्मा गाँधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना, यानी मनरेगा के अंतर्गत गांव में रहने वाले सर्वाधिक लाभ से वंचित लोगों को सामाजिक सुरक्षा, आजीविका सुरक्षा और लोकतांत्रिक अधिकारिता पर अपने प्रभाव के माध्यम से ग्रामीण भारत में समावेशी विकास सुनिश्चित किया जाता है। इसके लिये राज्य, जनपद, खंड एवं ग्राम स्तर पर विभिन्न कार्मिकों की नियुक्ति भी की गयी है। जो इन कार्यों को अंजाम देते हैं। खंड यानी ब्लॉक स्तर पर ऐसे ही एक अधिकारी, कार्यक्रम अधिकारी की नियुक्ति की गयी है जो ग्राम पंचायतों से प्राप्त समस्त परियोजना प्रस्तावों और शिकायतों की जांच के साथ, उनका पर्येवेक्षण तथा मूल्यांकन करता है। जिससे सही व्यक्ति तक योजना का लाभ पहुंच सके। अब यदि आप लोगों को कार्यक्रम अधिकारी के विषय में जानकारी नहीं है तो कोई बात नहीं है। चलिये हम आपको बताते हैं कि कार्यक्रम अधिकारी कौन होता है? उसके कार्य क्या होते हैं? हमारी वेबसाइट है: http://adhikarexpress.com/
महात्मा गाँधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना, जिसे आप मनरेगा योजना के नाम से जानते हैं। इस योजना में ग्रामीण क्षेत्र के गरीब परिवारों को, जिनके पास रोजगार नहीं है, उन्हें प्रति वर्ष जॉब कार्ड के अंतर्गत 100 दिन का रोजगार दिया जाता है। नरेगा जॉब कार्ड योजना में 40 मजदूरों का एक समूह होता है, जिसमें सुपरविजन यानी निरीक्षण के लिये एक मेट यानी सुपरवाइजर होता है जो इन 40 मजदूरों के कार्य व उनकी उपस्थिति को रजिस्टर में अंकित करता है और कार्य का रिकार्ड रखता है। अब यदि आप मेट यानी सुपरवाइजर के विषय में नहीं जानते है तो चिंता करने की कोई बात नहीं है। चलिये हम आपको बताते हैं कि मेट या सुपरवाइजर कौन होता है? और उसके कार्य क्या होते हैं। हमारी वेबसाइट है: http://adhikarexpress.com/
महात्मा गाँधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना, जिसे आप मनरेगा योजना के नाम से जानते हैं। इस योजना में ग्रामीण क्षेत्र के गरीब परिवारों को, जिनके पास रोजगार नहीं है, उन्हें प्रति वर्ष जॉब कार्ड के अंतर्गत 100 दिन का रोजगार दिया जाता है। नरेगा जॉब कार्ड योजना में 40 मजदूरों का एक समूह होता है, जिसमें सुपरविजन यानी निरीक्षण के लिये एक मेट यानी सुपरवाइजर होता है जो इन 40 मजदूरों के कार्य व उनकी उपस्थिति को रजिस्टर में अंकित करता है और कार्य का रिकार्ड रखता है। अब यदि आप मेट यानी सुपरवाइजर के विषय में नहीं जानते है तो चिंता करने की कोई बात नहीं है। चलिये हम आपको बताते हैं कि मेट या सुपरवाइजर कौन होता है? और उसके कार्य क्या होते हैं। हमारी वेबसाइट है: http://adhikarexpress.com/
आज हम आपको दिखाने जा रहे हैं कि किस प्रकार से उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जनपद में पढ़े-लिखे किसान अपना और लोगों का जीवन सकट में डाल रहे हैं। चलिये आपको दिखाते हैं। हमारी वेबसाइट है: http://adhikarexpress.com/
आज हम आपको दिखाने जा रहे हैं कि किस प्रकार से उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जनपद में पढ़े-लिखे किसान अपना और लोगों का जीवन सकट में डाल रहे हैं। चलिये आपको दिखाते हैं। हमारी वेबसाइट है: http://adhikarexpress.com/
उत्तर पदेश सरकार ने हर जनपद में खादय सुरक्षा अधिकारी की तैनाती की है। ये अधिकारी जगह-जगह जाकर, नमूना लेकर खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता की जांच करते हैं। और मिलावट करने वाले लोगों को दंड दिलाते हैं। चलिये हम आपको विस्तार से बताते हैं कि खाद्य सुरक्षा अधिकारी कौन होता है और उसके कर्तव्य कया होते हैं हमारी वेबसाइट है: http://adhikarexpress.com/
उत्तर पदेश सरकार ने हर जनपद में खादय सुरक्षा अधिकारी की तैनाती की है। ये अधिकारी जगह-जगह जाकर, नमूना लेकर खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता की जांच करते हैं। और मिलावट करने वाले लोगों को दंड दिलाते हैं। चलिये हम आपको विस्तार से बताते हैं कि खाद्य सुरक्षा अधिकारी कौन होता है और उसके कर्तव्य कया होते हैं हमारी वेबसाइट है: http://adhikarexpress.com/
आप लोग ग्रामीण क्षेत्र में रहते हैं और खेती-बारी का कार्य करते हैं तो आपने सिंचाई विभाग के प्रमुख कर्मचारी, नलकूप चालक के विषय में अवश्य सुना होगा। कुछ लोगों ने तो अपने खेत की सिंचाई के लिये नलकूप चालक से भेंट भी की होगी। यह बात अलग है कि आपके खेत की सिंचाई के लिये समय पर जल मिलता है या नहीं। हालांकि आज भी अधितकर लोगों को पता ही नहीं है कि नलकूप चालक कौन होता है और उसके कर्तव्य क्या होते हैं। यदि आपको भी नहीं पता है तो कोई बात नहीं है। चलिये हम आपको बताते हैं कि नलकूप चालक कौन होता है? उसके कार्य क्या होते हैं? हमारी वेबसाइट है: http://adhikarexpress.com/
आप लोग ग्रामीण क्षेत्र में रहते हैं और खेती-बारी का कार्य करते हैं तो आपने सिंचाई विभाग के प्रमुख कर्मचारी, नलकूप चालक के विषय में अवश्य सुना होगा। कुछ लोगों ने तो अपने खेत की सिंचाई के लिये नलकूप चालक से भेंट भी की होगी। यह बात अलग है कि आपके खेत की सिंचाई के लिये समय पर जल मिलता है या नहीं। हालांकि आज भी अधितकर लोगों को पता ही नहीं है कि नलकूप चालक कौन होता है और उसके कर्तव्य क्या होते हैं। यदि आपको भी नहीं पता है तो कोई बात नहीं है। चलिये हम आपको बताते हैं कि नलकूप चालक कौन होता है? उसके कार्य क्या होते हैं? हमारी वेबसाइट है: http://adhikarexpress.com/
हम आपको प्रयागराज जनपद के कोरारी ग्राम सभा में एक ऐसे बहादुर पूर्व सैनिक से मिलवायेंगे, जिन्होंने ग्राम विकास योजनाओं में खुलेआम भ्रष्टाचार कर रहे पूर्व ग्राम प्रधान अरुण कुमार गुप्ता का डटकर विरोध किया। इतना ही नहीं उन्होंने प्रधान के विरुद्ध कार्रवाई करने के लिये प्रशासनिक अधिकारियों को लिखित शिकायत भी की। लेकिन सिर से पांव तक भ्रष्टाचार में आकंठ डूबे प्रशासनिक अधिकारी प्रधान के विरुद्ध कार्रवाई करने की बजाय उसके बचाव में खड़े हो गये। लेकिन सेना के सिपाही अवध नारायण मिश्र अभी हारे नहीं हैं, वह अभी भी इन भ्रटाचारियों से दो-दो हाथ करने के लिये तैयार हैं,,,,। चलिये आपको उनसे मिलवाते हैं,,,। हमारी वेबसाइट है: http://adhikarexpress.com/
हम आपको प्रयागराज जनपद के कोरारी ग्राम सभा में एक ऐसे बहादुर पूर्व सैनिक से मिलवायेंगे, जिन्होंने ग्राम विकास योजनाओं में खुलेआम भ्रष्टाचार कर रहे पूर्व ग्राम प्रधान अरुण कुमार गुप्ता का डटकर विरोध किया। इतना ही नहीं उन्होंने प्रधान के विरुद्ध कार्रवाई करने के लिये प्रशासनिक अधिकारियों को लिखित शिकायत भी की। लेकिन सिर से पांव तक भ्रष्टाचार में आकंठ डूबे प्रशासनिक अधिकारी प्रधान के विरुद्ध कार्रवाई करने की बजाय उसके बचाव में खड़े हो गये। लेकिन सेना के सिपाही अवध नारायण मिश्र अभी हारे नहीं हैं, वह अभी भी इन भ्रटाचारियों से दो-दो हाथ करने के लिये तैयार हैं,,,,। चलिये आपको उनसे मिलवाते हैं,,,। हमारी वेबसाइट है: http://adhikarexpress.com/
सिपाही यानी आरक्षी से आप सभी लोग परिचित होंगे। हालांकि आप लोगों में से किसी न किसी को कभी न कभी आरक्षी के व्यवहार से खट्टा-मीठा अनुभव अवश्य हुआ होगा। हालांकि कहा जाता है कि आरक्षी अपराधियों के शत्रु तथा सामान्य नागरिकों के मित्र होते हैं। समाज में शांति बनाए रखने में उसकी अति महत्त्वपूर्ण भूमिका होती है। वह चोरों, डाकुओं और अन्य अपराधियों को पकड़कर लोगों को सुरक्षा प्रदान करते हैं। लेकिन सच्चाई क्या है यह तो हम आगे आपको बतायेंगे, लेकिन आज भी अधितकर लोगों को इस बात की जानकारी नहीं है कि आरक्षी कौन होता है और जनता के प्रति उसके कर्तव्य क्या होते हैं। यदि आपको भी नहीं जानकारी नहीं है तो कोई बात नहीं है। चलिये हम आपको बताते हैं कि सिपाही यानी आरक्षी कौन होता है? और उसके कर्तव्य क्या होते हैं? हमारी वेबसाइट है: http://adhikarexpress.com/