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अब आज हम आपको दूसरी पूर्व प्रधान तारा देवी के भ्रष्ट कारनामे के विषय में बताने जा रहे हैं। सरकार की वेबसाइट से मिली सूचना के अनुसार तारा देवी ने दावा किया है कि उन्होंने 1 लाख 14 हजार रुपये खर्च करके चौहान का पूरा में माता माण्टेसरी स्कूल से पांडेय के घर तक सड़क के खडंजे की मरम्मत करायी है। जबकि चकित करने वाली बात यह है कि जब हमने मौके पर पहुंचकर खडंजे की जांच की तो वहां पर किसी प्रकार की कोई मरम्मत देखने को नहीं मिली। सड़क वैसे ही बदहाल स्थिति में है। आइये हम आपको बताते और दिखाते हैं कि खड़ंजे की वास्तविक स्थिति क्या है। हमारी वेबसाइट है: http://adhikarexpress.com/
अब आज हम आपको बताने और दिखाने जा रहे हैं कि आनापुर में किस प्रकार से पूर्व प्रधान अनिल कुमार ने रास्ते के निर्माण में हेराफेरी करके लाखों रुपये का भ्रष्टाचार किया है। दरअसल आरटीआई से जो हमें सूचना मिली है, उसमें पूर्व ग्राम प्रधान अनिल कुमार ने दावा किया है कि उन्होंने सराय पदमावत की पक्की सड़क से मौलवी साहब के मजार तक पचास मीटर लंबा और ढाई मीटर चौड़ा खड़ंजा बिछवाया है। हालांकि जब हमने सड़क की नाप-जोख की तो मौके पर उसकी लंबाई 40 मीटर जबकि चौड़ाई 2 मीटर ही मिली। आइये हम आपको बताते और दिखाते हैं कि रास्ते पर खड़ंजा बिछवाने में ग्राम प्रधान ने कहां और कितना घपला किया है। हमारी वेबसाइट है: http://adhikarexpress.com/
अब आज हम आपको बताने और दिखाने जा रहे हैं कि आनापुर में किस प्रकार से पूर्व प्रधान अनिल कुमार ने रास्ते के निर्माण में हेराफेरी करके लाखों रुपये का भ्रष्टाचार किया है। दरअसल आरटीआई से जो हमें सूचना मिली है, उसमें पूर्व ग्राम प्रधान अनिल कुमार ने दावा किया है कि उन्होंने सराय पदमावत की पक्की सड़क से मौलवी साहब के मजार तक पचास मीटर लंबा और ढाई मीटर चौड़ा खड़ंजा बिछवाया है। हालांकि जब हमने सड़क की नाप-जोख की तो मौके पर उसकी लंबाई 40 मीटर जबकि चौड़ाई 2 मीटर ही मिली। आइये हम आपको बताते और दिखाते हैं कि रास्ते पर खड़ंजा बिछवाने में ग्राम प्रधान ने कहां और कितना घपला किया है। हमारी वेबसाइट है: http://adhikarexpress.com/
अब आज हम आपको आनापुर ग्राम सभा के ही चौहान का पूरा में, भ्रष्टाचार का एक और कारनामा दिखाने जा रहे हैं। यहां पर पूर्व प्रधान तारा देवी ने राधेशरण के घर से सतई के घर तक 2 लाख 50 हजार रुपये में 50 मीटर सड़क की इंटलॉकिंग और नाली का निर्माण कराने का दावा किया है, लेकिन जब हमने जांच की तो वहां नाली का कोई अता-पता नहीं था। इतना ही नहीं तारा देवी ने बब्बू पटेल के घर से संतलाल के घर तक 1 लाख 80 हजार में इंटरलॉकिंग के निर्माण में भी लाखों का भ्रष्टाचार किया है। आइये हम आपको दिखाते हैं कि इंटरलॉकिंग और नाली निर्माण की सच्चाई क्या है। हमारी वेबसाइट है: http://adhikarexpress.com/
अब आज हम आपको आनापुर ग्राम सभा के ही चौहान का पूरा में, भ्रष्टाचार का एक और कारनामा दिखाने जा रहे हैं। यहां पर पूर्व प्रधान तारा देवी ने राधेशरण के घर से सतई के घर तक 2 लाख 50 हजार रुपये में 50 मीटर सड़क की इंटलॉकिंग और नाली का निर्माण कराने का दावा किया है, लेकिन जब हमने जांच की तो वहां नाली का कोई अता-पता नहीं था। इतना ही नहीं तारा देवी ने बब्बू पटेल के घर से संतलाल के घर तक 1 लाख 80 हजार में इंटरलॉकिंग के निर्माण में भी लाखों का भ्रष्टाचार किया है। आइये हम आपको दिखाते हैं कि इंटरलॉकिंग और नाली निर्माण की सच्चाई क्या है। हमारी वेबसाइट है: http://adhikarexpress.com/
हमने आपको पिछले भाग में बताया था कि किस प्रकार से उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जनपद के, श्रृंगवेरपुर विकास खंड की आनापुर ग्राम सभा के, चौहान का पूरा में पूर्व ग्राम प्रधान तारादेवी ने ग्राम पंचायत सचिव से मिलीभगत करके, पिपरौंध मार्ग से रमेश के घर तक खड़ंजे की मरम्मत के नाम पर, 2 लाख 20 हजार रुपये हड़प लिये थे। अब आज हम आपको आनापुर ग्राम सभा के ही चौहान का पूरा में, भ्रष्टाचार का एक और कारनामा दिखाने जा रहे हैं, जिसे देखकर आप चकित रह जायेंगे। पूर्व ग्राम प्रधान अनिल कुमार और ग्राम पंचायत अधिकारी ने मिलकर भ्रष्टाचार का अनोखा तरीका अपनाया। उन्होंने एक सड़क 50 मीटर और दूसरी सड़क 70 मीटर बनाकर 100-100 मीटर की सड़क का पैसा हड़प लिया। आइये हम आपको दिखाते हैं कि सड़क में क्या गड़बड़ी की गयी है। हमारी वेबसाइट है: http://adhikarexpress.com/
हमने आपको पिछले भाग में बताया था कि किस प्रकार से उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जनपद के, श्रृंगवेरपुर विकास खंड की आनापुर ग्राम सभा के, चौहान का पूरा में पूर्व ग्राम प्रधान तारादेवी ने ग्राम पंचायत सचिव से मिलीभगत करके, पिपरौंध मार्ग से रमेश के घर तक खड़ंजे की मरम्मत के नाम पर, 2 लाख 20 हजार रुपये हड़प लिये थे। अब आज हम आपको आनापुर ग्राम सभा के ही चौहान का पूरा में, भ्रष्टाचार का एक और कारनामा दिखाने जा रहे हैं, जिसे देखकर आप चकित रह जायेंगे। पूर्व ग्राम प्रधान अनिल कुमार और ग्राम पंचायत अधिकारी ने मिलकर भ्रष्टाचार का अनोखा तरीका अपनाया। उन्होंने एक सड़क 50 मीटर और दूसरी सड़क 70 मीटर बनाकर 100-100 मीटर की सड़क का पैसा हड़प लिया। आइये हम आपको दिखाते हैं कि सड़क में क्या गड़बड़ी की गयी है। हमारी वेबसाइट है: http://adhikarexpress.com/
आज हम आपको उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जनपद में भ्रष्टाचार की ऐसी घटना दिखायेंगे, जिसे देखकर और सुनकर आप चकित रह जायेंगे। हमने आपको पिछले भाग में बताया था कि किस प्रकार से श्रृंगवेरपुर विकास खंड की आनापुर ग्राम सभा के चौहान का पूरा में, पूर्व ग्राम प्रधान अनिल कुमार ने कागज पर ही सड़क बनवा दी। और लाखों रुपये का गबन कर लिया । लेकिन चकित कर देने वाली बात यह है कि भ्रष्टाचार का यह घटिया खेल यहीं नहीं रुका। अनिल कुमार के बाद जब तारादेवी ग्राम प्रधान बनीं तो उन्होंने ग्राम पंचायत सचिव से मिलीभगत करके पिपरौंध मार्ग से रमेश के घर तक खड़ंजे की मरम्मत के नाम पर 2 लाख 20 हजार रुपये हड़प लिये। जब हमने सड़क की पड़ताल की तो इस मामले का खुलासा हुआ। आइये हम आपको वह सड़क दिखाते हैं जिसकी मरम्मत के नाम पर पू्र्व ग्राम प्रधान ने दोबारा घोटाला किया। हमारी वेबसाइट है: http://adhikarexpress.com/
आज हम आपको उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जनपद में भ्रष्टाचार की ऐसी घटना दिखायेंगे, जिसे देखकर और सुनकर आप चकित रह जायेंगे। हमने आपको पिछले भाग में बताया था कि किस प्रकार से श्रृंगवेरपुर विकास खंड की आनापुर ग्राम सभा के चौहान का पूरा में, पूर्व ग्राम प्रधान अनिल कुमार ने कागज पर ही सड़क बनवा दी। और लाखों रुपये का गबन कर लिया । लेकिन चकित कर देने वाली बात यह है कि भ्रष्टाचार का यह घटिया खेल यहीं नहीं रुका। अनिल कुमार के बाद जब तारादेवी ग्राम प्रधान बनीं तो उन्होंने ग्राम पंचायत सचिव से मिलीभगत करके पिपरौंध मार्ग से रमेश के घर तक खड़ंजे की मरम्मत के नाम पर 2 लाख 20 हजार रुपये हड़प लिये। जब हमने सड़क की पड़ताल की तो इस मामले का खुलासा हुआ। आइये हम आपको वह सड़क दिखाते हैं जिसकी मरम्मत के नाम पर पू्र्व ग्राम प्रधान ने दोबारा घोटाला किया। हमारी वेबसाइट है: http://adhikarexpress.com/
उत्तर प्रदेश सरकार के गांवों के समुचित विकास का दावा करती है, लेकिन धरातल पर देखेंगे तो आपको सच्चाई कुछ और ही मिलेगी। दरअसल पंचायत विभाग के अधिकारी और कर्मचारी ग्राम प्रधानों के साथ मिलकर गांव के विकास में लगने वाले धन को लूटने में लगे हुये हैं। लेकिन उन्हें कोई रोकने वाला नहीं है। ऐसा ही मामला प्रयागराज जनपद के श्रृंगवेपुर विकास खंड के अंतर्गत आने वाली आनापुर ग्राम सभा में सामने आया है। इस ग्राम सभा के अंतर्गत चौहान का पूरा में पू्र्व प्रधान अनिल कुमार और ग्राम पंचायत सचिव अनिल सिंह ने पूर्व में खड़जे से बनी सड़क पर ही कागज में दोबारा सड़क का निर्माण करवा दिया। और इसके नाम पर लाखों रुपये हड़प लिये। लेकिन गांव के लोगों को कानों कान खबर नहीं लगी। जब हमने पड़ताल की तो इस मामले का खुलासा हुआ, जिसे सुनकर गांव के लोग चकित रह गये। आइये हम आपको दिखाते हैं कि किस प्रकार से सड़क निर्माण में घोटाला किया गया है। हमारी वेबसाइट है: http://adhikarexpress.com/
उत्तर प्रदेश सरकार के गांवों के समुचित विकास का दावा करती है, लेकिन धरातल पर देखेंगे तो आपको सच्चाई कुछ और ही मिलेगी। दरअसल पंचायत विभाग के अधिकारी और कर्मचारी ग्राम प्रधानों के साथ मिलकर गांव के विकास में लगने वाले धन को लूटने में लगे हुये हैं। लेकिन उन्हें कोई रोकने वाला नहीं है। ऐसा ही मामला प्रयागराज जनपद के श्रृंगवेपुर विकास खंड के अंतर्गत आने वाली आनापुर ग्राम सभा में सामने आया है। इस ग्राम सभा के अंतर्गत चौहान का पूरा में पू्र्व प्रधान अनिल कुमार और ग्राम पंचायत सचिव अनिल सिंह ने पूर्व में खड़जे से बनी सड़क पर ही कागज में दोबारा सड़क का निर्माण करवा दिया। और इसके नाम पर लाखों रुपये हड़प लिये। लेकिन गांव के लोगों को कानों कान खबर नहीं लगी। जब हमने पड़ताल की तो इस मामले का खुलासा हुआ, जिसे सुनकर गांव के लोग चकित रह गये। आइये हम आपको दिखाते हैं कि किस प्रकार से सड़क निर्माण में घोटाला किया गया है। हमारी वेबसाइट है: http://adhikarexpress.com/
योगी आदित्यनाथ की सरकार का दावा है कि उसने उत्तर प्रदेश की जनता को भ्रष्टाचार मुक्त सरकार दी है, लेकिन धरातल पर देखेंगे तो आपको सच्चाई कुछ और ही देखने को मिलेगी। क्योंकि उत्तर प्रदेश में ग्राम पंचायत स्तर पर हो रहे लगभग सभी विकास कार्यों में भ्रष्टाचार का बोलबाला है। ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत विभाग के अधिकारी मिलकर जनता की मेहनत की कमायी को खुलेआम लूट रहे हैं। वहीं जब कोई व्यक्ति इस लूट के विरुद्ध शीर्ष अधिकारियों से शिकायत करता है तो वह अधिकारी घूस लेकर सारे मामले की लीपापोती कर देता है, जिसके कारण दोषियों के विरुद्ध कोई कार्यवाही नहीं होती है। चलिये आपको एक ऐसे ही व्यक्ति से मिलवाते हैं, जिन्होंने ग्राम पंचायत विभाग के भ्रष्ट अधिकारियों के विरुद्ध लड़ाई तो लड़ी, लेकिन उन्हें कोई सफलता नहीं मिली,,,,। हमारी वेबसाइट है: http://adhikarexpress.com/
योगी आदित्यनाथ की सरकार का दावा है कि उसने उत्तर प्रदेश की जनता को भ्रष्टाचार मुक्त सरकार दी है, लेकिन धरातल पर देखेंगे तो आपको सच्चाई कुछ और ही देखने को मिलेगी। क्योंकि उत्तर प्रदेश में ग्राम पंचायत स्तर पर हो रहे लगभग सभी विकास कार्यों में भ्रष्टाचार का बोलबाला है। ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत विभाग के अधिकारी मिलकर जनता की मेहनत की कमायी को खुलेआम लूट रहे हैं। वहीं जब कोई व्यक्ति इस लूट के विरुद्ध शीर्ष अधिकारियों से शिकायत करता है तो वह अधिकारी घूस लेकर सारे मामले की लीपापोती कर देता है, जिसके कारण दोषियों के विरुद्ध कोई कार्यवाही नहीं होती है। चलिये आपको एक ऐसे ही व्यक्ति से मिलवाते हैं, जिन्होंने ग्राम पंचायत विभाग के भ्रष्ट अधिकारियों के विरुद्ध लड़ाई तो लड़ी, लेकिन उन्हें कोई सफलता नहीं मिली,,,,। हमारी वेबसाइट है: http://adhikarexpress.com/
योगी आदित्यनाथ की सरकार भ्रष्टाचार मुक्त उत्तर प्रदेश के दावे करती रहती हैं, लेकिन धरातल पर सच्चाई कुछ और ही है। ग्राम पंचायत स्तर पर हो रहे विकास कार्यों में भ्रष्टाचार का बोलबाला है। ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत अधिकारी मिलकर जनता की मेहनत की कमायी को खुलेआम लूट रहे हैं। ताजा मामला प्रयागराज जिले के विकासखंड श्रृंगवेरपुर के अंतर्गत कोरारी गांव का है। जहां पंचायत भवन के निर्माण में व्यापक गड़बड़ी की जानकारी मिलने पर जिला पंचायत राज अधिकारी आलोक सिन्हा ने ग्राम पंचायत अधिकारी प्रदीप मौर्या को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। अब धनूपुर विकास खंड के सहायक विकास अधिकारी प्रेमदास पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। चलिये आपको दिखाते हैं कि किस तरह से कोरारी के ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत अधिकारी ने पंचायत भवन के निर्माण में भ्रष्टाचार की सारी हदें पार कर दी हैं,,,,। हमारी वेबसाइट है: http://adhikarexpress.com/
योगी आदित्यनाथ की सरकार भ्रष्टाचार मुक्त उत्तर प्रदेश के दावे करती रहती हैं, लेकिन धरातल पर सच्चाई कुछ और ही है। ग्राम पंचायत स्तर पर हो रहे विकास कार्यों में भ्रष्टाचार का बोलबाला है। ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत अधिकारी मिलकर जनता की मेहनत की कमायी को खुलेआम लूट रहे हैं। ताजा मामला प्रयागराज जिले के विकासखंड श्रृंगवेरपुर के अंतर्गत कोरारी गांव का है। जहां पंचायत भवन के निर्माण में व्यापक गड़बड़ी की जानकारी मिलने पर जिला पंचायत राज अधिकारी आलोक सिन्हा ने ग्राम पंचायत अधिकारी प्रदीप मौर्या को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। अब धनूपुर विकास खंड के सहायक विकास अधिकारी प्रेमदास पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। चलिये आपको दिखाते हैं कि किस तरह से कोरारी के ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत अधिकारी ने पंचायत भवन के निर्माण में भ्रष्टाचार की सारी हदें पार कर दी हैं,,,,। हमारी वेबसाइट है: http://adhikarexpress.com/
आइये आज हम आपको उत्तर प्रदेश में प्रयागराज जिले के श्रृंगवेरपुर विकास खंड के आनापुर गांव में बिजलीकर्मियों का कारनामा दिखाते हैं, जहां बिजलीकर्मियों ने पहले तो 11 हजार वोल्टेज के हाईटेंशन बिजली के खंभे गाड़ने में घोटाला किया और जब तेज आंधी और बारिश आयी तो ये खंभे धराशायी हो गये। इसके कारण कई गांवों की बिजली गुल हो गयी। हालांकि लोगों ने कई बार बिजली विभाग को फोन किया, लेकिन अधिकारियों ने कोई सुध नहीं ली। चलिये आपको दिखाते हैं,,,,,,। हमारी वेबसाइट है: http://adhikarexpress.com/
आइये आज हम आपको उत्तर प्रदेश में प्रयागराज जिले के श्रृंगवेरपुर विकास खंड के आनापुर गांव में बिजलीकर्मियों का कारनामा दिखाते हैं, जहां बिजलीकर्मियों ने पहले तो 11 हजार वोल्टेज के हाईटेंशन बिजली के खंभे गाड़ने में घोटाला किया और जब तेज आंधी और बारिश आयी तो ये खंभे धराशायी हो गये। इसके कारण कई गांवों की बिजली गुल हो गयी। हालांकि लोगों ने कई बार बिजली विभाग को फोन किया, लेकिन अधिकारियों ने कोई सुध नहीं ली। चलिये आपको दिखाते हैं,,,,,,। हमारी वेबसाइट है: http://adhikarexpress.com/
हमारे देश में लगभग सत्तर प्रतिशत जनता का जीवन खेती-बारी पर निर्भर है। देश के किसान खेती-बारी करके अपना और अपने परिवार का पेट पालते हैं। जब इनके खेतों को पानी नहीं मिलता है या फिर प्राकृतिक आपदा के कारण सूखा पड़ जाता है तो इनका और इनके परिवार का जीवन खतरे में पड़ जाता है और भूख से मरने की स्थिति पैदा हो जाती है। इसीलिये देश की सभी राज्य सरकारों ने ग्रामीण क्षेत्रों में नहर का जाल बिछा रखा है। जिससे किसानों को खेती के लिये समय पर और पर्याप्त पानी मिल सके। और किसान अपने खेतों में अच्छी फसल ले सकें और उनको परिवार का जीवन बेहतर हो सके। नहरों का पानी बिना किसी बाधा के खेतों तक पहुंच सके इसके लिये राज्य सरकारों ने ग्रामीण क्षेत्रों में सिंचाई विभाग की ओर से कई अधिकारियों और कर्मचारियों की नियुक्ति भी की है, जिसमें से एक महत्वपूर्ण कर्मचारी सींच पर्यवेक्षक यानी अमीन होता है, जो प्रत्येक फसल के समय सिंचाई की मापों का क्रियान्वयन करता है तथा जमाबंदियां तैयार करता है। यदि आप सींच पर्यवेक्षक के विषय में नहीं जानते हैं तो कोई बात नहीं है। चलिये हम आपको बताते हैं । हमारी वेबसाइट है: http://adhikarexpress.com/
हमारे देश में लगभग सत्तर प्रतिशत जनता का जीवन खेती-बारी पर निर्भर है। देश के किसान खेती-बारी करके अपना और अपने परिवार का पेट पालते हैं। जब इनके खेतों को पानी नहीं मिलता है या फिर प्राकृतिक आपदा के कारण सूखा पड़ जाता है तो इनका और इनके परिवार का जीवन खतरे में पड़ जाता है और भूख से मरने की स्थिति पैदा हो जाती है। इसीलिये देश की सभी राज्य सरकारों ने ग्रामीण क्षेत्रों में नहर का जाल बिछा रखा है। जिससे किसानों को खेती के लिये समय पर और पर्याप्त पानी मिल सके। और किसान अपने खेतों में अच्छी फसल ले सकें और उनको परिवार का जीवन बेहतर हो सके। नहरों का पानी बिना किसी बाधा के खेतों तक पहुंच सके इसके लिये राज्य सरकारों ने ग्रामीण क्षेत्रों में सिंचाई विभाग की ओर से कई अधिकारियों और कर्मचारियों की नियुक्ति भी की है, जिसमें से एक महत्वपूर्ण कर्मचारी सींच पर्यवेक्षक यानी अमीन होता है, जो प्रत्येक फसल के समय सिंचाई की मापों का क्रियान्वयन करता है तथा जमाबंदियां तैयार करता है। यदि आप सींच पर्यवेक्षक के विषय में नहीं जानते हैं तो कोई बात नहीं है। चलिये हम आपको बताते हैं । हमारी वेबसाइट है: http://adhikarexpress.com/
हमारा देश कृषि प्रधान देश है। हमारे देश में लगभग सत्तर प्रतिशत जनता खेती पर निर्भर है। इसलिये राज्य सरकारों ने ग्रामीण क्षेत्रों में नहर का जाल बिछा रखा है। जिससे किसानों को खेती के लिये समय पर और पर्याप्त पानी मिल सके। और किसानों का जीवन बेहतर हो सके। नहर का पानी खेतों तक पहुंच सके इसके लिये राज्य सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में सिंचाई विभाग की ओर से सींचपाल की नियुक्ति की है। जो खेतों तक सुचारु रुप से पानी पहुंचने की व्यवस्था की देखरेख करते हैं। वह आपके गांव के खेतों की सिंचाई का पूरा ब्यौरा रखने के साथ ही सिंचाई के जलमार्गों की नियमित गश्त करने आदि का कार्य करते हैं। अब यदि आप सींचपाल के विषय में नहीं जानते हैं तो कोई बात नहीं है। चलिये हम आपको बताते हैं। हमारी वेबसाइट है: http://adhikarexpress.com/